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पटना डेस्क: बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे समेत 12 आला अधिकारियों को ठगने वाले शातिर ठग को हरियाणा पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार यह ठग हेरोइन की फर्जी मुखबिरी करके अलग-अलग राज्यों के 12 बड़े पुलिस अधिकारियों से करोड़ों रुपए ऐंठ चुका है। जिसमें डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे भी शामिल हैं। ठग की पहचान फाजिल्का जिला अंतर्गत कस्बा जलालाबाद के हरिचंद उर्फ बंटी के रूप में हुई है। यह सिर्फ पांचवीं पास है। बावजूद इसके इसका शातिर दिमाग बड़े-बड़ों का मुंह खुलवाने वाली पुलिस को ही बेवकूफ बनाने के लिए चलता है। पुलिस के मुताबिक बंटी किसी भी पुलिस अधिकारी को कॉल करके कहता था कि वह बड़ी मात्रा में हेरोइन पकड़वा सकता है।

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बिहार डीजीपी को भी लगा चुका है चुना:

बंटी नामक इस ठग ने बिहार के डीजीपी को फोन करके कहा था कि नई दिल्ली से बिहार में हेरोइन की बड़ी खेप आ रही है। वह पुलिस का मुखबिर बनकर उसे पकड़वाना चाहता था। डीजीपी ने शाबाशी दी। तभी उसने रिचार्ज खत्म होने और पैसे डलवा देने की बात कही। डीजीपी ने 1300 रुपए का रिचार्ज करवा दिया। उसके बाद वह फोन बंद करके गायब हो गया।

बंटी the super chor:

इसी कड़ी में उसने शुक्रवार को पहले सिरसा डीआइजी को कॉल करके अपने झांसे में लेने की कोशिश किया, लेकिन डीआइजी झांसे में नहीं आए और ठग ने तुरंत बाद यही स्कीम सिरसा आइजी को देकर झांसे में लेने का प्रयास किया। आइजी साहब झांसे में तो आ गए लेकिन निपटने की जवाबदेही डीआइजी को दे दी। बस यहीं पोल खोल गया। जिसके बाद सिरसा डीआइजी ने डबल गेम खेल कर बंटी को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, बंटी ने सिरसा डीआइजी को कॉल करके कहा था कि वह पहले हेरोइन तस्करी करता था। अब साथियों के साथ उसकी बिगड़ गई है, इसलिए वह उन्हें पकड़वाना चाहता है। वो ढाई किलो हेरोइन लेकर डबवाली की ओर आ रहे हैं। वह एयरफोर्स स्टेशन सिरसा के पास पकड़वा देगा। इस पर सिरसा डीआईजी ने भी वैरिगुड कहा और एक लाख रुपए इनाम भी देने की बात कह दी।

मोबाइल में सेव थे देश भर के बड़े अधिकारीयों के नंबर:

बाद बंटी ठग ने कहा कि वह किराये पर गाड़ी लेकर तस्करों के पीछे चलेगा। मगर इसके लिए उसके पास किराया नहीं है। उसने 4 हजार रुपए उसके अकाउंट में ट्रांसफर करने की मांग की। इस पर डीआईजी ने कहा कि गाड़ी चालक से उनकी बात करवा दे। जब बंटी को यहां दाल गलती नहीं दिखी तो उसने मोबाइल बंद कर लिया। डीआइजी के बाद बंटी ने अगला शिकार बनाने के लिए हिसार आईजी को चुना। हिसार आइजी को भी इस प्रकार की सूचना दी। हिसार आईजी ने सिरसा डीआइजी से संपर्क किया तो सिरसा डीआइजी ने बताया कि यह कई अधिकारियों को ऐसे फोन कर रहा है। उसे ट्रेस किया जा रहा है।

पुलिस को पता चला कि वह जलालाबाद से ट्रक में बैठकर डबवाली पहुंचा है। पुलिस ने उसे गांव डबवाली बस अड्डे से धर दबोचा और उसका मोबाइल चेक किया तो देशभर के पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर मिले। वाट्सएप पर अधिकारियों को दिया गया बैंक अकाउंट मिला, जिसमें वह पैसा ट्रांसफर करवाता था। बैंक अकाउंट जलालाबाद के एक दुकानदार का है। दुकानदार के खाते में 1000 रुपये आते थे तो बंटी रुपए लेते समय उसे 40 रुपए कमीशन देता था।

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