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अमृतसर: लॉकडाउन के कारण बहुत से लोग घर से दूर फंस गए थे, जिनमें भारत आए 179 पाकिस्तानी (Pakistani) भी थे। अपने रिश्तेदारों व अन्य समारोह में शामिल होने के लिए भारत आए 179 पाकिस्तानियों को अटारी-वाघा बॉर्डर (Attari-Wagah border) के रास्ते वापस भेज दिया गया है।

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पाकिस्तानी दूतावास ने भेजी थी अपने नागरिकों की सूची:

बुधवार सुबह अंतरराष्ट्रीय अटारी सड़क सीमा पर पाकिस्तानी नागरिक पहुंचने लगे थे। पाकिस्तान सरकार के विशेष अनुरोध पर छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली सहित विभिन्न भारतीय राज्यों में फंसे पाकिस्तानी टैक्सियों के रास्ते अटारी सीमा पर पहुंचे।

दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने इन नागरिकों की सूची केंद्रीय ग्रह मंत्रालय को भेजी थी। यह सूची आईसीपी में तैनात इमिग्रेशन अधिकारियों (Immigration officials) के पास पहुंच गई है। आईसीपी में तैनात मेडिकल टीम ने इन यात्रियों की शरीरिक जांच शुरू कर दी है। जो यात्री जांच करवा चुके हैं, उन्हें विशेष सुरक्षा में अटारी सीमा पर पहुंचाया जा रहा है। बीएसएफ के जवान कोरोना वायरस के बचाव के लिए तय मापदंडों का पालन करते हुए उनके दस्तावेज की जांच कर रहे हैं। पाकिस्तान जाने वाले यात्रियों में बच्चे व महिलाएं भी शामिल हैं।

पाकिस्तान में फंसे 300 भारतीय कर रहे वतन वापसी का इंतजार:

कोरोना वायरस के कारण बंद अटारी सीमा से भारत सरकार (Indian government) ने अभी तक 400 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को उनके वतन भेज कर एक उदाहरण पेश किया है, जबकि पाकिस्तान में फंसे 300 से अधिक भारतीय को वतन लौटने का इंतजार है।

लाहौर में फंसे अपने माता-पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे अमृतसर निवासी कमल जीत सिंह ने कहा कि भारत के बाद पाकिस्तान सरकार भी उदारता का परिचय दे, ताकि उनके माता-पिता घर लौट आएं। दो महीने से अधिक का समय बीत गया है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद अभी तक उन्हें इस बात की कोई भी जानकारी नहीं है कि माता-पिता घर कब लौटेंगे।

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