प्रवासी मजदूर राजकुमार पासवान की संदेहास्पद मौत के बाद बिलखते परिजन
प्रवासी मजदूर राजकुमार पासवान की संदेहास्पद मौत के बाद बिलखते परिजन
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पटना डेस्क (अखलाख सिद्दीकी): प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में एक के बाद एक सरकारी दावों की पोल खुल रही है। बावजूद इसके राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन सँभलने का नाम नहीं ले रही है।

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भूख से हुयी प्रावासी की मौत:

ताजा मामला मधुबनी जिला अंतर्गत बासोपट्टी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय गम्हरिया का है। जहां एक प्रवासी मजदूर राजकुमार पासवान की संदेहास्पद मौत हो गई है। परिवार का आरोप है कि मौत का कारण भूख है। मौत को पंद्रह घंटे बीत चुके हैं, बावजूद इसके उसकी सुध लेने प्रशासन की तरफ से कोई नहीं पहुंचा है और मृतक की लाश पिछले पंद्रह घंटे से गाँव के विद्यालय में ही रखा हुआ है।

25 बार में भी BDO ने नहीं रिसीव किया कॉल:

मृतक के बेटे सुरेश पासवान ने प्रशासन के ऊपर बड़ा आरोप लगाया है। सुरेश का कहना है कि उसका परिवार चेन्नई से भूखे प्यासे आया था और गुरुवार को गाँव पहुंचने पर भी स्थानीय स्कूल में उसके परिवार को खाना नहीं मिल रहा था। शाम में अचानक उसके पिता राजकुमार पासवान के पेट में दर्द शुरू हुआ। जिसके बाद उसने मदद के लिए 20 से 25 बार बासोपट्टी BDO को कॉल किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। रात में पिता की मृत्यु हो गई।

पंद्रह घंटे से लाश वहीं पड़ा हुआ है:

परिवार का कहना है कि राज कुमार पासवान की मृत्यु भूख या किसी बीमारी के कारण ही हुई है। वहीं मृतक के पुत्र ने आगे बताया कि उसके गाँव के स्कूल को क्वारंटाइन सेंटर नहीं बनाया गया है बावजूद इसके वहां प्रवासी मजदूर ठहरे हुए हैं। उसके पिता की संदेहास्पद मौत होने के बाद वहां रुके हुए अन्य प्रवासी भी वहां से भाग गए हैं। पंद्रह घंटे से लाश वहीं रखा हुआ है और कोई नजदीक जाने का हिम्मत भी नहीं कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जवाबदेही से बचने के लिए प्रशासन विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर माने से इंकार कर रहा है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी और पक्ष जानने के लिए हमने बासोपट्टी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को कई बार कॉल किया लकिन उन्होंने जब भूख से मरते मजदूर का कॉल नहीं उठाया तो हमारा कॉल कैसे उठा सकते थे। उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

जवाबदेह कौन? मुखिया ने भी प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार:

बड़ा सवाल है इस मौत के पीछे जवाबदेह कौन है? जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण राजकुमार पासवान की मौत हुई है। या फिर प्रखंड विकास पधाधिकारी के अकेले की जिम्मेदारी बनती है? यदि BDO साहब मृतक के पुत्र का कॉल रिसीव कर लिए होते तो क्या कृतक की जान बच जाती, मृतक तक समय से राहत और स्वास्थ्य टीम पहुँच पाती? या फिर स्थानीय मुखिया जवाबदेह हैं?

स्थानीय पंचायत के मुखिया फुलगेन महतो ने बताया कि प्रशासन की टीम घटना के बाद रात्रि में आई थी। आश्वाशन मिला कि जांच टीम मृत्यु के कारण का पता लगाएगी और शुक्रवार की सुबह मृतक का कोरोना सैंपल लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद दाह संस्कार करवा दिया जाएगा। सुबह से शाम होने को है लेकिन घटनास्थल पर प्रशासन की तरफ से कोई झाँकने के लिए भी नहीं आया है।

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