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कोरोनावायरस के कहर से जहां एक ओर सारी दुनिया डर–डर के जीने को मजबूत है तो दूसरी ओर दुनिया की पांच सबसे शक्तिशाली ख़ुफ़िया एजेंसियों ने मिलकर इसके जड़ तक पहुंचने का फैसला कर लिया है। 

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ऑपरेशन 5–EYES के नाम से अमरीकी एजेंसी CIA, इंग्लैंड की खुफिया एजेंसी MI-6, ऑस्ट्रेलिया की सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस ASIS, न्यूज़ीलैंड की सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस NZSIS और कनाडा की ख़ुफ़िया एजेंसी CSIC ने गठबंधन कर इस महामारी के उद्गम के पीछे के रहस्य को बेनकाब करने का बीड़ा उठाया है। कई शक्तिशाली देश कोरोना को चीन का बायो–वेपन बता रहे हैं। लेकिन ऑपरेशन 5–EYES की रिपोर्ट रिलीज़ होने से पहले ही ऑस्ट्रेलियाई अखबार द टेलीग्राफ में लीक हो गई। 

इस नेटवर्क ने एक दस्तावेज तैयार किया है जिसमें ये पता लगाने की कोशिश की गई है कि आखिर वुहान से कोरोना का वायरस कब और कैसे निकला। 15 पन्ने के इस रिपोर्ट में नेटवर्क ने चीन के ख़िलाफ़ 4 खुलासे किए हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं।

पहला ख़ुलासा- चमगादड़ पर खतरनाक रीसर्च!

वुहान लैब में वॉयरोलॉजिस्ट डॉ ज़ेंग्ली शी के पास रखे 50 में से कम से कम एक वायरस सैंपल का कोविड-19 के साथ जेनेटिक मैच 96 फीसदी से भी अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुमकिन है कि वो कोरोना वायरस का सैंपल है। 

दूसरा ख़ुलासा- अभी भी तैयार हो रहे हैं वायरस

‘5-EYES’ नेटवर्क की लीक हुई रिपोर्ट में बताया गया है कि वुहान लैब में अभी भी सार्स जैसे कई कोरोना वायरस को बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इतना ही नहीं इन वायरस को बनाने के बाद उसे अलग अलग टेस्टिंग के ज़रिए और भी खतरनाक बनाने की प्रक्रिया भी यहां चलती है। डॉ शी ने मार्च 2019 में कहा था कि अगर भविष्य में चमगादड़ से फैलने वाले सार्स या मर्स जैसा कोई वायरस आता है तो उसे रोका नहीं जा सकेगा। बावजूद इसके वुहान की लैब में वायरस से छेड़छाड़ की जाती रही।

तीसरा ख़ुलासा- चीन ने सैंपल के सच को छुपाया

चीन के जिन भी वैज्ञानिकों ने वायरस पर किए जाने वाले रिसर्च के बारे में बताने की कोशिश की उन्हें या तो चुप करा दिया गया या गायब करवा दिया गया। जब दुनिया के दूसरे लैबों ने कोरोना के लाइव वायरस के सैंपल मांगे तो चीन ने उसे भी देने से इनकार कर दिया.

चौथा ख़ुलासा- पेशेंट ज़ीरो को गायब करवाया

कोरोना वाइरस की पेशंट ज़ीरो यानी कि संक्रमण की सबसे पहली शिकार वुहान लैब में काम कर रही ह्वांग यान लिंग नाम की इंटर्न थी। लेकिन चीन ने उस इंटर्न से जुड़े तमाम दस्तावेज़ों को वुहान लैब से हटवा दिया गया और उस महिला को गायब करवा दिया गया। चीन ने बाद में उसे पेशेंट ज़ीरो मानने से भी इनकार कर दिया। अब ये इंटर्न ज़िंदा भी है या मर गई, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

हालांकि एक बहुत अहम बात जिसका खुलासा या सबूत ‘5-EYES’ के रिपोर्ट में भी नहीं है वह यह है कि क्या वायरस का सैंपल इस लैब से गलती से लीक हुआ या इसे जानबूझ कर लीक करवाया गया।

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