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बागमती के जलस्तर में देर रात्रि वृद्धि हुई है, लेकिन शाम से जलस्तर स्थिर है। औराई के कटौझा में सोमवार की शाम 6 बजे बागमती का जलस्तर खतरे के निशान से 165 सेंटीमीटर ऊपर था। बागमती की दक्षिणी और उत्तरी उपधारा में पानी का बहाव समानातर हो रहा है।

 

 

बभनगामा घाट स्थित बागमती की मुख्य धारा पर निíमत चचरी बह गया। इधर, लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बागमती परियोजना उत्तरी और दक्षिणी बाध के बीच रह रहे मधुबनप्रताप, बभनगामा पश्चिमी, हरनी टोला, राघोपुर, तरवन्ना, पटोरी टोला बाड़ा खुर्द, बाड़ा बुजुर्ग,बेनीपुर मूलगाव समेत कई गाव के लोग आसन्न बाढ़ से सशकित हैं। इनलोगों को आवागमन के लिए केवल नाव ही सहारा है।

 

बाढ़ से आशकित बाध के अंदर रहने वालों ने सुरक्षित जगहों पर आशियाना ढूंढना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर बागमती की मुख्यधारा और उप धारा के बेनीपुर के निकट धारा के दूसरे छोर पर कहीं-कहीं कटाव शुरू हो गया है। मुख्यधारा से अधिक उपधारा में जल बहाव को लेकर लोग तरह-तरह की आशका व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यधारा की संपूर्ण उड़ाही नहीं होने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा के अखिलेश यादव ने बताया कि विगत वर्ष से ही उपधारा को बंद कर मुख्यधारा उड़ाही की कार्य योजना चल रही है जो लगातार विफल होते जा रही है।

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– बकुची घाट स्थित पीपा पुल के दोनों तरफ भरा पानी

बागमती व लखनदेई के जलस्तर में सोमवार को लगभग दो फीट की वृद्धि दर्ज की गई। लगातार वर्षा के कारण मागरें पर पानी व कीचड़ भर जाने से कई मार्ग बाधित हो गए हैं। कटरा के बकुची घाट स्थित पीपा पुल के दोनों तरफ पानी भर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। पहुंच पथ में पानी भर जाने से पुल पर चढ़ना मुश्किल हो गया है।

 

 

बसघटृा चचरी पर बाढ़ का दबाव बढ़ने लगा है जिससे खतरा उत्पन्न हो गया है। अबतक बाढ़ का पानी बकुची, पतांरी, अंदामा, माधोपुर आदि गांव में पहुंच गया है। किसानों की सब्जी की खेती बर्बाद हो चुकी है। गली-मोहल्ले में निचले स्थल पर पानी आ जाने से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। लोग अपने घरों में ही दुबके हैं। श्याम महतो, योगेंद्र महतो, रामसकल भगत आदि ने बताया कि खेतों में भिंडी, करैला, लौकी, परवल आदि के पौधे डूब गए हैं। पानी लग जाने से पौधे सूख जाएंगे।

 

अंदामा के जयनारायण ठाकुर, अनिल कुमार, बिराजी राय आदि ने बताया कि पिछले ही साल बाढ़ में ग्रामीण सड़क टूट गई। मार्ग में पानी भर जाने से पूरा गांव बाढ़ से घिर गया है। सीओ सुबोध कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कई बांध पर काम नहीं हो सका। बकुची कॉलेज के पास तटबंध की मरम्मत की गई है जिससे बड़ी आबादी की सुरक्षा होगी। अभी मिट्टी का अभाव हो गया है। बाढ़ पीड़ितों को मदद मिलेगी।

 

 

इनपुट: जागरण


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