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कहते हैं अपराधी कितना भी शातिर क्यों ना हो, वो एक ना एक दिन पुलिस की गिरफ्त में आ ही जाता है। मगर इसके बावजूद भी अपराध करने का लोग नया-नया तरीका ढूंढ ही लेते हैं, साथ ही घिनौने से घिनौने अपराध को अंजाम देने से भी लोग नहीं कतराते हैं।

ऐसा ही एक अपराध होता है बच्चों की तस्करी।  इस अपराध की यूपी पुलिस के हाथ एक खास कड़ी लगी है। आइए जानते हैं यह अहम कड़ी, अस्मिता के बारे में –

नेपाल की सरगना अस्मिता

 अस्मिता नाम की यह महिला बच्चा तस्कर गैंग की सरगना है, जो कि नेपाल में रहती है। आगरा पुलिस ने इसकी पहचान कर ली है, सिर्फ यही नहीं सोशल साइट फेसबुक द्वारा प्रोफाइल से उसकी फोटो भी प्राप्त हो गयी है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करने में लगी हुई है।

आगरा पुलिस अस्मिता का सम्पूर्ण कच्चा-चिट्ठा खंगालने में लगी हई है, वो नेपाल में किस जिले की रहवासी है? इसके बारे में जानकारी खंगाली जा रही है। वहीं आपको बता दें उत्तर प्रदेश पुलिस की गिरफ्त में मौजूद में स्थानीय सरगना नीलम से भी पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में मिली जानकारी के माध्यम से दिल्ली और फरीदाबाद के चिकित्सकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

19 जून को पकड़ाए थे 5 तस्कर

पुलिस की गिरफ्त में तीनों युवक

गौरतलब है कि 19 जून को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी थी। पुलिस ने इस दिन दो गाड़ियों में बच्चों की तस्करी करने वाले पांच लोगों को हिरासत में ले लिया था। इन्हीं गाड़ियों में फरीदाबाद की सरगना नीलम और रूबी भी मौजूद थी। इनके साथ ही गाड़ी में तीन युवक भी थे, जिनका काम बच्चों और महिलाओं को कार से लाने ले जाने का  होता था।

नीलम ने बताए अस्मिता से जुड़े कई राज़

स्थानीय सरगना नीलम

बता दें नीलम को आगरा पुलिस ने हाल में रिमांड पर लिया था। उससे मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को पता लगा कि उसने सरोगेसी के धंधे की शुरूआत दिल्ली की डॉ. नेहा और एजेंट मीना के साथ की थी।

यहीं से उसने अपना जाल बनाया और अपने संपर्क में कई महिलाओं को ले लिया था। इन्हीं महिलाओं की सहायता से वो अपने इस जुर्म के धंधे को चला रही थी। सिर्फ यही नहीं उसने नेपाल की मुख्य सरगना अस्मिता के बारे में भी कई महत्वपूर्ण जानकारी  दी। नीलम की वजह से ही अस्मिता की फेसबुक आईडी पुलिस को पता लगी थी।

फेसबुक पर नहीं डाली अस्मिता ने ज़्यादा जानकारी

इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि अस्मिता की फेसबुक आईडी को खंगाला गया। मगर फेसबुक पर अस्मिता ने अपनी ज्यादा जानकारी नहीं डाली हैं। इस आईडी से उसका नेपाल का पता जरूर मालूम चला है, मगर पुलिस को शक है यह फर्जी भी हो सकता है।

गौरतलब है कि अस्मिता ने कुछ दिन पहले से ही फेसबुक चलाना छोड़ दिया है, लिहाजा उसकी आईडी पर कोई अपडेट नहीं है। यही वजह है कि पुलिस को अब उसकी लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी आ रही है। हालांकि इस केस के लिए अब सर्विलांस की टीम को लगा दिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो नेपाल पुलिस की भी मदद ली जा सकती है।



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